क्या आपको लगता है, की आज आप जो खा रहे है, वही फ़ूड ट्रेंड भविष्य में भी होगा | ये जानने की जिज्ञासा हमेसा बनी रहती है |

लैब मीट – आज के मीट से भी बेहतर पोषक गुणों वाला मीट हमारे आने वाले भविष्य में उपलब्ध होगा, जो विभिन्न प्रकार के साग सब्जियों और वनस्पतियों से बनाया जायेगा | यह मीट वेगन के लिए भी उत्तम होगा |

इंसेक्ट्स – कीड़े-मकोड़े आज दुनिया के कई देशों में खाए जाते हैं, जिसमे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश प्रमुख हैं | इंसेक्ट्स में प्रोटीन का भरपूर मात्रा होता है, जिसे आने वाले समय में हम भी खा रहे होंगे |

3डी प्रिंटेड फ़ूड – भविष्य में समय की इतनी कमी होगी की हम जलेबी भी रोबोट से प्रिंट किया हुआ और रोबोट से तला हुआ ही खा रहे होंगे | आज के फ़ूड उस समय आउट-डेटेड फ़ूड माने जायेंगे |

प्लांट बेस्ड फिश – आज बढती हुयी जनसँख्या और बढती मछली उपभोग के कारण भविष्य में बहुत से मछलियों की प्रजातियाँ विलुप्त हो जाएगी | तब तक ओमेगा 3 पौधे-आधारित सी-फ़ूड उपलब्ध होंगे |

प्लांट मिल्क – एक वेबसाइट के मुताबिक 2050 तक डेरी-मिल्क पर निर्भरता छोड़ कर हम पूरी तरह से प्लांट बेस्ड मिल्क पर निर्भर हो जायेंगे | जिसका सीधा उदाहरण पोटैटो मिल्क है |

फ़ूड पिल्स – भविष्य में भोजन को सॉलिड फॉर्म में ना खा कर, हम अपने आहार की जरुरत फ़ूड पिल्स से पूरा कर लेंगे , उस समय बिना खाना बनाये और खाए पिल्स के माध्यम से भोजन की जरुरत पूरा कर लेंगे |

गोल्डन राइस – आज हम जिस चावल को खाते हैं, उसके लिए धान को उपजाने में ज्यादा पानी की खपत होती है | भविष्य में कम पानी से उपज होने वाले गोल्डन राइस को खा रहें होंगे |

एडिबल वाटर बॉल – आने वाले समय में पानी, बोत्तल में नहीं बल्कि बॉल्स के रूप में उपलब्ध होंगे, जिन्हें पिया नहीं, खाया जायेगा | जिसे कैरी करना भी आसान होगा और यह कई फ्लेवर में भी मिलेगा |

एडिबल फ़ूड पैकेजिंग – आगामी 10-15 वर्षों में भोजन को पैकेजिंग के साथ खाया जायेगा | जिसका उदाहरण हम आज भी देख रहें हैं, खास्ता प्लेट के साथ चाट, पानीपूरी और जापानी सूसी आदि |