Good Health Tips

Good Health Tips | पपीते के बारे में सब कुछ

Good Health Tips – पपीता एक उष्ण-कटिबंधीय वृक्ष का फल है, जो 25-30c के तापमान में फलता फूलता है | दुनिया भर में भारत पपीते का सबसे बड़ा उत्पादक देश है जो हर साल 30 लाख टन पपीते का उत्पदान करता है | इसके बाद सबसे ज्यादा पपीते के उत्पादक देशों में ब्राजील,मैक्सिको, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, चीन, पेरू, थाईलैंड और फिलीपींस का नाम आता हैं। पपीते में उच्च स्तर के एंटीऑक्सिडेंट विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन ई आदि भरपूर मात्रा में होते हैं | इसके सेवन से बहुत प्रकार की विमारियों में लाभ मिलता है , लेकिन इसके फायदों के साथ कुछ कुछ परिस्थितियों में नुकसान भी देखने को मिलता है |

Good Health Tips

पपीता को एक बहुआयामी फल या सब्जी कहा जा सकता है, इसका पर्व-त्यौहार में व्यंजनों में, मिठाइयों में, चटनी में, सलाद, औषधि, सब्जी और एंटीओक्सिडेंट से भरपूर फल के रूप प्रयोग किया जाता है | पपीते के अन्दर औषधीय गुण होने के कारण इसे बहुत से रोगों में, इसका सेवन किया जाये तो अच्छे और सकारात्मक लाभ देखने को मिलता है | पपीते की तासीर गर्म होती है, अगर इसे अधिक मात्रा में खा लिया जाये तो नुकसान भी देखने को मिलता है | तो आइये आज पपीते के बारे में विस्तार के जनाते हैं |

Good Health Tips

पपीते के फायदे

  • हृदय रोगों में फायदेमंद – पपीते के अन्दर पोटैशियम, फाइबर और विटामिन्स भरपूर मात्रा में होता है, जो की हृदय के फायदेमंद होता है | यदि अपने भोजन में पपीते को शामिल किया जाये और नमक का सेवन कम कर दिया जाये तो हृदय सम्बंधित परेशानियों में लाभ मिलता है |
  • कैंसर की संभावना को कम करे – पपीते के अन्दर फोलेट, बीटा कैरोटिन और विटामिन ई की मात्रा भरपूर होती है, जो बड़े से बड़े कैंसर की संभावना को कम कर देती है |
  • आंतों के कीड़ों के नष्ट करता है – इसके बीजों में प्रोटियोलायीटिक एंजाइम होता है, जो आँतों के अन्दर छुपे हुए कीड़ों नष्ट कर देता है ( आँतों में कीड़ों की शिकायत खासकर बच्चो में होती है )
  • पाचन क्रिया में सुधार – पपीते में पपेन नामक एक एन्जयिम होता है, जो पेट में बने कब्ज को ख़त्म कर पाचन क्रिया में सुधार लाता है |
  • गठिया रोग में राहत – इसके सेवन से गठिया रोगों में हो रहे दर्द से राहत मिलता है, यह संधिशोध के सुजन को बहुत हद तक कम कर सकता है | जो लोग पपीते का सेवन करते हैं उनमे गठिया सम्बंधित रोगों की संभावना कम होती है |
  • त्वचा के लिए फायदेमंद – यदि पपीते का सेवन नियमित रूप से किया जाये त्वचा पर निखार आता है | यदि पके हुए पपीते का पेस्ट बना कर चेहरे पर फेस पैक के तौर पर इस्तेमाल किया जाये, तो किल मुहासों से राहत मिलता है | फेस पैक के नियमित प्रयोग से चेहरे के रोम छिद्र खुल जाते है और चहरे पर चमक और निखार आता है |
  • पपीते के पत्ते बालों के लिए है फायदेमंद – बालों की समस्या जैसे बालों का बेजान, रुखा-सुखा, सुस्त और असमय सफ़ेद होने की समस्या में पपीते के ताजे पत्तों का रश को लगाने से बहुत फायदा होता है | रुसी और गिरते बालों की समस्या में पपीते के पतियों का रस अन्द्फय्देम होता है |
  • वजन को कम करने में सहायक – यदि आप वजन कम करना चाह रहे है, तो पपीते को अपने डाइट चार्ट में जरुर रखें | पपीते फाइबर से भरपूर फल होता है | इसके सेवन से भेट लम्बे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और पेट को भी साफ रखता है |
  • उच्च रक्त चाप में लाभकारी – यदि आप पपीते को अपने रोज के आहार में शामिल करते हैं, तो उच्च रक्तचाप की समस्या में लाभ मिलाता है | कच्चे पपीते को पके हुए पपीते के जगह खाया जाये तो रक्तचाप में जल्दी से आराम मिलता है |
  • प्रतिरक्षा प्रणाली को करे दुरुस्त – इसके सेवन से प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार होता है | तथा साथ साथ जिन लोगों में सर्दी-जुकाम, खांसी और फ्लू की समस्या हमेशा बनी रहती है उनके स्वास्थ्य में अच्छा सुधार लता है |
  • मासिक धर्म में दर्द और शूल से छुटकारा – महिलाओं को पीरियड्स के दौरान दर्द और शूल की सिकायत रहती है | ऐसी स्थिति में महिलाएं अगर पपीते का सेवन करें तो उन्हें इस तरह की परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है |
  • दांतों के खून आना – यदि दांतों से खून आता हो या पायरिया की सिकायत हो तो ऐसे में पपीते का सेवन फायदेमंद रहता है |
  • बबासीर में लाभ – यदि वबाशीर की समस्या हो और दर्द की सिकायत रहती हो ऐसे में पपीते का सेवन एक अच्छा और फायदेमंद विकल्प होता है |

पपीते के नुकसान

  • गर्भावस्था में नुकसान – गर्भवस्था में पपीते का सेवन मानो जहर के सामान होता है | इस दौरान पपीते के सेवन से गर्भाशय के अन्दर सिकुडन आजाता है, जिससे गर्भ में पल रहे शिशु पर बुरा प्रभाव पड़ता है | पपीते में लेटेक्स की उपस्थिति होती है जिसके कारण, यदि इन दिनों में पपीते का सेवन किया जाता है तो बच्चा समय से पहले, विकलांग, मारा हुआ पैदा हो सकता है | इसीलिए गर्भावस्था के दौरान पपीते का सेवन नुकसानदायक कहा जाता है |
  • एलर्जी की समस्या – पपीते में पापेन और एंजाइम होने के कारण किसी किसी में एलर्जी की समस्या उत्पन्न हो सकती है | जो बड़े तौर पर नाक की समस्या, घबराहट, दमे की सिकायत और त्वचा एलर्जी जैसे समस्या को जन्म दे सकता है |
  • गैस और पेट फूलने की समस्या – वैसे तो पपीता कब्ज में लाभदायक है, लिकिन इसके अधिक सेवन से गैस और पेट फूलने की समस्या उत्पन्न हो सकती है |
  • शिशु को ना खिलाएं – 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चे को पपीता खिलाना नुकसानदायक हो सकता है |
  • स्तनपान के दौरान – जब महिलाएं शिशु को स्तनपान करवा रही हों, तो उन दिनों के दौरान पपीते का सेवन ना करें | अगर फिर भी पपीता खाने का मन हो, तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें |
  • दस्त में ना खाएं – यदि दस्त की शिकायत हो, तो उस दौरान पपीते का सेवन ना करें |
  • इन दवाइयों के साथ ना खाएं – रक्त को पतला करने सम्बन्धित दवाइयों का सेवन करने के दौरान पपीते का सेवन ना करें |
  • पीलिया में ना खाएं – यदि पीलिया रोग से ग्रस्त हो, तो उस दौरान पपीता बिलकुल भी ना खाएं |
  • गुर्दे में पथरी – पपीते का अत्यधिक सेवन गुर्दे में पथरी का कारण बन सकता है, या पथरी की समस्या में पपीता ना खाएं |
  • निम्न रक्तचाप में ना खाएं – पपीता उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है, इसीलिए निम्म रक्तचाप की समस्या में अधिक मात्रा में पपीते का सेवन ना करें |
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पपीते से बनने वाले फ़ूड व्यंजन

  • कच्चे पपीते का कोफ्ता
  • पपीते का हलवा
  • पपीते की चटनी
  • कच्चे पपीते का सलाद
  • पपीते का पराठा
  • थाई सोम टैम
  • पपीते की बर्फी
  • कच्चे पपीते की सब्जी

पपीते के साथ क्या ना खाएं

  • पपीते के साथ दही ना खाएं – दही की तासीर ठंडी होती है, और पपीते की तासीर गर्म होता है | दोनों को एक साथ खाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है |
  • करेला और पपीता – पपीता और करेला का सेवन भूल कर भी नहीं करना चाहिए |
  • टमाटर और पपीता – पपीता और टमाटर का एक साथ सेवन अच्छा नहीं होता है | इनको एक साथ खाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है |
  • किवी और पपीता एक साथ ना खाएं – किवी के साथ पपीता खाने से हानिकारक प्रभाव देखे गए है |
  • निम्बू और पपीता – निम्बू के साथ पपीता खाने से स्वास्थ्य पर गलत प्रभाव पड़ सकता है | इससे हीमोग्लोबिन का संतुलन बिगड़ सकता है | अतः इन्हें एक साथ बिलकुल भी ना खाएं |
  • संतरा और पपीता – निम्बू की तरह संतरा भी पपीते के साथ नहीं खाना चाहिए |

[डिस्क्लेमर : हमारा लेख केवल सामान्य जानकारी के उदेश्य से लिखा गया है |इस जानकारी के माध्यम से पपीते को औषधि के रूप में इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से एक बार जरुर सलाह लें |]

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