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बूंदी की रेसिपी

बूंदी की रेसिपी : बड़े साइज़ की बूदी बनाने के लिए बेसन का घोल तैयार करते हैं| उसके बाद बेसन के घोल को बड़े छेड़ वाली झरनी से झार कर तेल में तलते हैं| उसके बाद बूंदी को चीनी के चासनी में डूबा कर बड़े साइज़ के बूंदी तैयार करते हैं|

इस बूंदी से पहले लड्डू बनाये जाते थे| आज भी बहुत से मंदिरों या यज्ञ में इसका प्रयोग प्रसाद के रूप में किया जाता है| खासकर मंगलवार के दिन हनुमान जी के मंदिर में भोग के रूप में प्रसाद चढ्या जाता है| आमतौर पर इस बूंदी से बहुत से व्यंजन बनाये जाते हैं जिसमे बूंदी का रायता, गोलगप्पे के पानी में इसका प्रयोग, लड्डू, नमकीन और करी प्रमुख है|

उत्तर भारत के क्षेत्रों में, पूर्व के समय में चाहें पार्टी हो या दावत सभी जगह स्वीट मेनू में इसका एक स्थान रहता था और इसे खूब पसंद भी किया जाता था| तो चलते हैं किचेन में और आज हम बड़ी-बूंदी बनाते हैं|

मीठी बड़ी बूंदी की रेसिपी एक दृष्टी में|

  • वर्गीकरण- स्वीट/प्रसाद
  • बनाने में समय- लगभग 20 मिनट और चासनी में 30 मिनट
  • प्लेट्स- 4-5 लोगों के लिए
  • सहायक व्यंजन- दही

मीठी बूंदी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री|

  • बेसन 200 ग्राम
  • केसरी फ़ूड कलर आधा चम्मच (वैकल्पिक)
  • बेकिंग सोडा 1 चुटकी
  • इलायची की कलियाँ 3
  • खीरा का बिज 1 चम्मच (वैकल्पिक)
  • चीनी 400 ग्राम
  • दूध 1 चम्मच
  • रिफायंड आयल या घी 300-400 ग्राम (बूंदी तलने के लिए)

बूंदी बनाने की विधि|

बेसन को एक बाउल में ले| उसके बाद 1 कप पानी, एक चौथाई चम्मच केसरी रंग और 1 चुटकी बेकिंग सोडा डाल कर अच्छे तरीके से फैंटे और बेसन में पानी अधिक न डाले| बूंदी के लिए बेसन के घोल को इतना गाढ़ा होना चाहिए, क्योकि झरनी से बूंदी झरते समय बेसन बुँदे बन कर निकले क्योकि ज्यादा पतला घोल होने से अच्छी बुँदे नहीं गिरेंगी| उसके बाद बेसन को एक तरफ 10 से 15 मिनट के लिए रख दें|

अब दुसरे स्टेप में पैन में चीनी (शक्कर), इलायची की फलियाँ, एक चौथाई चम्मच केसरी रंग और लगभग 300 मिलीलीटर पानी डाल कर 2 मिनट तक चासनी पकायें| उसके बाद उसमे 1 चम्मच दूध डालें और कुछ देर उबालें, जब चासनी से झाग निकलने लगे तब चासनी से झाग निकाल लें जिससे चासनी साफ हो जाएगी| चासनी को थोड़ी देर बाद चेक करे, जब चासनी में चिपचिपाहट आजाये तब फ्लेम को बंद कर दें|

अगले स्टेप में गहरे तले की कड़ाही में घी या तेल को गर्म करें| उसके बाद जब तेल गर्म हो जाये तब झरनी ले और झरनी पर बेसन को घोल डालें और हल्का हल्का झरनी को ठोकें| उसके बाद बूंदी को छनौटे से छानें और चासनी में डीप करलें तथा 30 मिनट के लिए छोड़ दें| अगर बूदी में खीरे का बिज डालना चाहें तो डालें नहीं तो यह वैकल्पिक है| अब हमारा बूंदी बनकर तैयार हो चूका है| जिसे आप चाहें तो दही के साथ खाएं या लड्डू बनायें या प्रसाद-भोग के रूप में प्रयोग में लायें|

धन्यवाद|

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